Badh essay in hindi. बाढ़ पर निबंध Essay on flood in hindi 2019-02-03

Badh essay in hindi Rating: 5,1/10 1386 reviews

इंटरनेट पर निबंध

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In a recent poll of 1,200 registered voters on Poll Position regarding their view on social media, 53% voted harmful. When referring to a villain, people imagine a big, bad beast that only commits acts of crime to be greedy or mischievous, when in reality, some villains may be taught that bad things were good or the villain may have a backstory that provides a reason on why he or she commits acts of crime. Kamartod Mehangaai Bhi Ishka Ek Pramukh Karan Hai. For example, many people feel that these games are too violent and that they cause an undervelopment in the frontal lobe. India, Indian National Congress, Manmohan Singh 777 Words 4 Pages Neighbourhood Watch Setting up a Neighbourhood Watch is the perfect solution to reducing crime. We have read and been exposed to several theories about human nature in the last two modules.

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Compare and contrast the ‘ good’ side and ‘ bad’ side of advertising.

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Facebook, Internet, MySpace 964 Words 3 Pages 1564-1616 was born in Startford-on-Avon, in the country of Warwick. This was maintained until 1966, when the rupee was devalued and pegged to the U. दोस्तों अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह आर्टिकल Essay on flood in hindi पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें और हमारा Facebook पेज लाइक करना ना भूलें और हमें कमेंटस के जरिए बताएं कि आपको हमारा यह आर्टिकल Badh Essay in Hindi कैसा लगा इसी तरह के नए-नए आर्टिकल को सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए हमे सब्सक्राइब करे।. Nowadays Facebook has become very important part of our life. In fact, if you can understand me—no, that's too much to ask of anyone—if you can become aware of the miraculousness which I symbolize, you can help save the freedom mankind is so unhappily losing. In other cases something may be wrong morally.

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Short Essay on Badh ka Ek Drishya in Hindi बाढ़ का एक दृश्य पर लघु निबंध

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Some examples of the way the government regulates are setting an age limit and taxing tobacco products. हमें चाहिए कि हम बाढ़ आने पर ऐसे स्थान पर पहुंचे जहां पर कुछ हद तक हमारा बचाव हो सके. In just a few years, the usage of social media sites, like Facebook and Twitter, has been increasing. It affect children not only in physical but also in mental. Asna Aysha updated her cover photo.

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Badh ka drishya essay in hindi

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Give me arguments for and arguments against of voluntary work! Our planet is continually changing, causing habitats to be altered and modified; that affects our diversity. According to Statistic Brain Research. Circadian rhythm, Sleep, Sleep disorder 920 Words 3 Pages Television could be a dangerous influence. Cartoon, Character, Crayon Shin-chan 1529 Words 7 Pages Belle Scherer Prof. One may think Facebook is a great website, but there are many things wrong with the website. These drugs can be dangerous by causing damage to health and slowly cause death to a person.

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Short Essay on Badh ka Ek Drishya in Hindi बाढ़ का एक दृश्य पर लघु निबंध

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Because of the busy world people are living in today, parents do not have time to take care and. Recent findings may explain why cigarettes are so addicting. Television provides various programs, which are very attractive to watch, not only for adults, but also for the young children. The Middle East was affected and changed by each entry of these commodities especially in the aspect of social life. . News, News broadcasting, Non-parametric statistics 4999 Words 24 Pages Apne jeevan ki uljhan ko - Uljhan Man Anand Anand Chhayo - Vijeta Waqt karta jo wafa aap hamare hote - Dilne Pukara Ram teri ganga maili ho gayi.

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Free Essays on Cell Phone Good Or Bad Essay In Hindi through

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Crime, Crowd, Crowdsourcing 862 Words 4 Pages Good Girl Gone Bad: Rihanna Since the beginning of time women have been uniquely viewed as a source of human life. There is a problem we will have with a new generation of children — who play computer. Anupam Kher, Ek Khiladi Ek Haseena, Himesh Reshammiya 4664 Words 26 Pages Hindi hai hum hindi is our mother tongue ……. But in this diversity there is unity found in the common language of their movies. When they went back home from school, they usually hang out with classmates playing hide and seek, sport games, or read books in the library.

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जल प्रलय (बाढ़) पर निबन्ध

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You may be confused, thinking that I have accidently handed. In an essay of not less than six double spaced pages, evaluate arguments on both sides of this issue by first summarizing, in your own words, at least one argument on each side and then arguing for which one of the opposing sides you find more compelling and why. Within 6 years Facebook has reached 1+ billion users milestone. In Bible, Jesus was not a real shepherd; however, he described himself as the Good Shepherd. As the technology progresses we become more connected virtually and less connected as a human race.

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Hindi Essay

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We will have to suffer increased unemployment while we produced more. Bholanath Tiwari National Publishing Rs. जलप्रलय बाढ़ का दृश्य Jalpralay, Badh ka Drishya निबंध नंबर :01 जल प्रकृति का वह तरल पदार्थ है जो मनुष्य के लिए जीवन स्वरूप है क्योकि न तो जल के बिना जीवन की रचना ही सम्भव है न ही जीवन उसके बिना रह सकता है मनुष्य के अतिरिक्त धरती के अन्य छोटे — बड़े जिव, पेड़ — पौधे और वनस्पतियाँ आदि सभी का जीवन जल है और यदि जल नही है या इसका अभाव है तो मृत्यु भी निशिचत है परन्तु यही जीवन देने वाला जल जब बाढ़ का रूप धारण कर लेता है तो प्रकृति का एक क्रूर-परिहास बन कर रह जाता है बाढ़ अर्थात जल — प्रलय आने के प्राय : दो ही कारण होते है एक तो वर्षा का आवश्यकता से अधिक होना तथा दूसरा कारण है यदि कभी किसी समय नदी या डैम आदि के बांधो में दरारे पड़ कर वे टूट जाते है और चारो और जल — प्रलय का सा दृश्य उपस्थित कर दिया करते है पहला कारण प्राकृतिक है तथा दूसरा कारण अप्राकृतिक है, परन्तु दोनों ही स्थितियों में जन — हानि के अतिरिक्त खलिहानों, पशुधन और मकानों आदि के नाश के रूप में धन — हानि हुआ करती है कई बार तो उस भयावह, करुण एव दारुण दृश्य का स्मरण करते भी रोगटे खड़े हो जाते है जब जल — प्रलय में डूब रहे मनुष्य , पशु आदि को देखना पड़ता है और वह बच पाने के लिए कितना सोचता तथा हाथ — पैर मारता होगा ऐसा ही बाढ़ का एक भयावह दृश्य मुझे देखने को मिला उस दृश्य को सोचकर शरीर में कंपकंपी — सी हो जाती है बरसात का मौसम था चारो और घनघोर वर्षा हो रही थी कई दिनों से लगातार वर्षा होने के कारण नदी —नालो में पानी लबालब भर गया था अधर ताजेवाले हैड से युमना में लगातार पानी छोड़ा जा रहा था जब पानी की निकासी का कोई रास्ता नही रहा तो पानी नालो के द्वारा घरो में भरने लगा हम लोग यह सोच कर सो गए थे की वर्षा थमने पर पानी स्वत: ही कम हो जाएगा परन्तु ऐसा नही हुआ आधी रात तक पानी सभी क्वार्टरो में घुटनों तक भर गया बिजली जलाकर जब हमने देखा तो रात का वह दृश्य बड़ा ही भयावह था गन्ध मारता पानी तथा जल-जीवो , सांपो आदि के साथ सांय-सांय कर रहा था हम अपने को बचाने के लिए छत पर चढ़े तो ऐसा लगा पानी भी हमारा पीछा कर रहा है जीवन की सुरक्षा की सम्भावनाए घटती जा रही थी औरते बच्चो को गोदी में उठाए राम — राम करती हुई एक दुसरे की तरह निरीह आँखों से देख रही थी कुछ समय बाद नावो में सवार होकर स्वयंसेवक आए और हमे वहा से निकाल कर ले गए तब कही जाकर हमने चैन की सांस ली वह जल — प्रलय का दृश्य आज तक भी भुलाए नही भूलता है निबंध नंबर : 02 बाढ़ का दृश्य Badh ka Drishya जल ही जीवन है। यह उक्त पूर्णतया सत्य है। परंतु जिस प्रकार किसी भी वस्तु की अति या आवश्यकता से अधिक की प्राप्ति हानिकारक है उसी प्रकार जल की अधिकता, अर्थात् बाढ़ की प्रकृति का प्रकोप बनकर आती है जो अपने साथ बहुमूल्य संपत्ति, संपदा तथा जीवन आदि समेटकर ले जाती है। गंगा, गोदवरी, ब्रह्मपुत्र, गोमती आदि पवित्र नदियाँ एक ओर तो मनुष्य के लिए वरदान है वहीं दूसरी ओर कभी-कभी प्रकोप बनकर अभिशाप भी बन जाती हैं हमारे देश में प्रायः जुलाई-अगस्त का महीना वर्ष ऋतु का है तब तपती हुई धरती के ज्वलन को छमछमाती हुई बूँदें ठंडक प्रदान करती हैं। नदियाँ जो सूखती जा रही थीं अब उनमें जल की परिपूर्णता हो जाती है। सभी स्वतंत्र रूप से बहने लगती हैं। यह वर्षा ऋतु और इसका पानी कितने ही कृषकों व श्रमजीवियों के लिए वरदान बन कर आता है। परंतु पिछले वर्ष हमारे यहाँ बाढ़ का जो भयावह दृश्य देखने को मिला उससे मेरा ही नहीं अपितु सभी व्यक्तियों का हद्य चीत्कार कर उठा। पिछले वर्ष हमारे गाँव में पिछले सात दिनों से लगातार वर्षा हो रही थी। चारों ओर भरे पानी का दृश्य प्रलय का एहसास कराता था। गाँव से लगी हुई नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा था। हर एक को अपने प्राण संकट में आते नजर आ रहे थे। इतनी वर्षा से ही ढाल के आधे से अधिक छोटे-छोटे घर पूर्ण अथवा आंशिक रूप से जल में विलीन हो चुके थे। हमारे गाँव में रहने वाले सभी लोग यथासंभव आवश्यक सामान लेकर ऊँचे टीले पर आ गए थे। उस ओर मनुष्यों एवं पशुओं का जमघट बढ़ता ही जा रहा था। कुछ लोग तो इतने भयभीत थे कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि घर की वस्तुओं की रक्षा करें या अपने प्राण की। यह हमारा सौभाग्य ही था कि हमारा घर बहुत ऊँचार्द पर था जिसके कारण हम बाढ़ से पूर्णतया प्रभावित होने से बचे हुए थे। इसी बीच जब थोड़ी देर के लिए वर्षा रूकी तब मैं बाहर का दृश्य देखने के लिए छत पर पहुँच गया। वहाँ से मुझे जो दृश्य देखने को मिला वह हद्य विदारक था। थोड़ी देर के लिए तो मैं स्वंय पर संयम न रख सका और भय से काँप उठा। मेरा आधा गाँव पानी में लगभग डूब चुका था। कुछ घरों का केवल उपरी हिस्सा ही दिखाई दे रहा था। अनेकों ग्रामवासियों के कपड़े व अन्य आवश्यक सामान जल में तैरते दिखाई पड़ रहे थें। कुछ पशु जो बाढ़ में फँसकर मर गए थे उनकी लाशें भी इधर-उधर तैर रही थीं। ममतामयीं माँ के हद्य से लगा उसका नन्हा बेटा मेरे पलक झपकते ही उस जलमार्ग में कहीं समा गया। यह देखकर मेरा दिल रो उठा। प्रकृति का यह विनाशक दृश्य मैं आज भी भुला नहीं पाता हूँ। जब-जब वे दृश्य मेरे स्मृति पटल पर उभरते हैं तो मैं भय से काँप उठता हूँ। हमारे देश में प्रत्येक वर्ष किसी न किसी राज्य में बाढ़ आती रहती है जिससे देश को करोड़ों रूपयों का अधिभार उठाना पड़ता है। प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से बाढ के समय ही हमारे नेतागण व प्रशासन सजग होता दिखाई देता है और कुछ दिनों के उपरांत ही यह उनके लिए एक सामान्य घटना बन जाती है और वे दुसरे कार्यो में व्यस्त हो जाते है। स्वतंत्रता के पाँच दशकों के उपरांत हम इस समस्या का कोई स्थाई हल नहीं निकाल सके जिससे बाढ के द्वारा होने वाले नुकसान को अधिक से अधिक नियंत्रित किया जा सके। बढ की रोकथाम सरकार का पूर्ण दायित्व है। इसे रोकने हेतु निरंतर प्रयास हो रहे है। इस दिशा में हमें आंशिक रूप से सफलता भी प्राप्त हुई है फिर भी अभी और भी प्रयास आवश्यक है। हमें विश्वास है कि आने वाले वर्षा में हम इन आपदाओं से होने वाले नुकसान को पुर्णतः नियंत्रित कर सकेगें। इसके लिए दीर्घकालीन रणनीति पर अमल करना होगा तथा जिन क्षेत्रों में प्रतिवर्ष बाढ आता है वहाँ जलसंचय के वैकल्पिक उपाय करने होंगे ।. This little girl smells of cigarettes so bad, it I so that it makes me cough every time she gets near me. A passionate writer, writing content for many years and regularly writing for Hindikiduniya.


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आतंकवाद की समस्या (Essay on terrorism in Hindi)

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About 60 mg of pure nicotine is enough to kill a healthy adult. The second component of essay preparation is practice exams after the first 4 weeks of bar review, the department holds approximately 5 oklahoma practice. Having nothing more exciting to do, Joe will sit in front of the television keeping him from doing his homework until his mom calls him for dinner. Blair Waldorf, Bulimia nervosa, Episode 1693 Words 5 Pages Hindi Nationalism This piece on Hindu nationalism, written by Alok Rai, deals with the coming of modern Hindi in the late 90s and the early 20s. Television has been around for many years. Nowadays, not only adults and teenagers, but also children, get hooked on television.

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